लिख् धातु के रूप सभी पाँचो लकारों में | Likh Dhatu Roop in all five lakars in Sanskrit

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लिख् धातु को संस्कृत में हिंदी के ' लिखना ' शब्द के लिए और अंग्रेजी में ' टू राईट ( to write ) ' के लिए उपयोग में लाया जाता है। 

लिख् धातु के रूप सभी पाँचो लकारों में  | Likh Dhatu Roop in all five lakars in Sanskrit

लिख् भ्वादिगण तथा परस्मैपदी धातु है। सभी भ्वादिगण धातु के धातु रूप इसी प्रकार बनते है जैसे- भू-भव्, अर्च्, अस्, गम्, गुह्, घ्रा, जि, तप्, दा, दृश्, धाव्, नी, पा, पच्, पत्, पठ्, भज्, यज्, वद्, व्रज, वृत्, वस्, शुच्, शुभ्, स्था, सेव्, श्रु, सद् आदि।

लिख् धातु के सभी पाँचो लकारों में धातु रूप, तीनों पुरुषों एवं तीनों वचनों में लिख् धातु रूप नीचे दिये गये हैं:

लिख् धातु लट् लकार ( वर्तमान काल ) – Likh Dhatu Lat Lakar ( Present Tense)

पुरुष

एकवचन

द्विवचन

बहुवचन

प्रथम पुरुष

लिखति

लिखतः

लिखन्ति

मध्यम पुरुष

लिखसि

लिखथः

लिखथ

उत्तम पुरुष

लिखामि

लिखावः

लिखामः


लिख् धातु लङ् लकार ( सामान्य भूत काल ) – Likh Dhatu Lung Lakar ( Simple Past Tense )

पुरुष

एकवचन

द्विवचन

बहुवचन

प्रथम पुरुष

अलिखत्

अलिखताम्

अलिखन्

मध्यम पुरुष

अलिखः

अलिखतम्

अलिखत

उत्तम पुरुष

अलिखम्

अलिखाव

अलिखाम


लिख् धातु लृट् लकार ( भविष्यत् काल ) – Likh Dhatu Lrit Lakar ( Future Tense )

पुरुष

एकवचन

द्विवचन

बहुवचन

प्रथम पुरुष

लेखिष्यति

लेखिष्यत:

लेखिष्यन्ति

मध्यम पुरुष

लेखिष्यसि

लेखिष्यथ:

लेखिष्यथ

उत्तम पुरुष

लेखिष्यामि

लेखिष्याव:

लेखिष्याम:


लिख् धातु लोट् लकार ( अनुज्ञा ) – Likh Dhatu Lot Lakar ( to order )

पुरुष

एकवचन

द्विवचन

बहुवचन

प्रथम पुरुष

लिखतु

लिखताम्

लिखन्तु

मध्यम पुरुष

लिख

लिखतम्

लिखत

उत्तम पुरुष

लिखानि

लिखाव

लिखाम


लिख् धातु विधिलिङ् लकार ( चाहिए अर्थ में ) – Likh Dhatu Vidhiling Lakar ( License )

पुरुष

एकवचन

द्विवचन

बहुवचन

प्रथम पुरुष

लिखेत्

लिखेताम्

लिखेयुः

मध्यम पुरुष

लिखेः

लिखेतम्

लिखेत

उत्तम पुरुष

लिखेयम्

लिखेव

लिखेम


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